A dragon boy-fiction story

sandeepprofessional.wordpress.comsandeepprofessional.wordpress.comएक साधारण व्यक्ति थे,जिनका नाम हेनरी था। वह बहुत साहसप्रिय थे। उन्हें अक्सर घूमना, प्राचीन जगहों पर जाना पसंद था ।उनका एक सपना था, कि वह डाइनोसॉर की पूरानी कंकालों के साथ कुछ ऐसा करे की वे जीवीत हो जाये उनके इन सपनो को लोग बचपना कहते थे। कोई उनकी बात नही मानता। मगर उन्हें यह सब सुनकर गुस्सा नही आता बस वह  मन ही मन सोचते की जब मै अपने पालतू डाइनोसॉर जिसका नाम उन्होंने पहले ही सोच लिया था,फ्लूफ़ी  उस पर बैठकर यहा से निकलूंगा तो लोग सर झुका लेंगे।वह एक दिन अपने पास ही की एक बड़ी सी प्रयोगशाला में गये। उन्होंने वहा कुछ ऐसे पुराने अंडे देखे जिन्हें सब डाइनोसॉर के ही अंडे कह रहे थे। कुछ पल देखते ही उन्होंने आवाज़ सुनी की यहाँ आग लग गयी हे सब तरफ हड़बड़ी मच गयी औऱ  एक बच्चा उन अंडो से टकरा गया और उन्ही अंड़ो में से  एक अंडा फुट गया तभी पास में से एक अमीर औरत के साथ आयी उसकी पालतू कुतिया ने उसे खा लिया। वह व्यक्ति डर गया और वहा से उस कुतिया को  उठाकर जंगल की ओर भागा। बाद मे जब पुलिस ने तहकीकात की तो उस व्यक्ति पर प्राचीन अंडा चुराने का आरोप लगा। वह रातो रात उस कुतिया को लेकर जंगल की ओर भाग गए और पास के ही जंगल में घुस गए,8 दिन चलने और छुप छुप कर जंगल में आये वाहनों में सफर करने लगे ।उस जंगल में बहुत खतरनाक जानवर थे, एक बार किसी जंगली जानवर से बचने में वह और कुतिया एक पहाड़ी की चट्टान से टकरा गए और दोनों नीचे गिर गए। जब उन्हें होश आया तो वह पास ही की एक गुफा में चले गए रात ज्यादा होने की वजह से वह दोनों उसी गुफा में सो गए।रात में जब  हेनरी की नींद खुली तो उन्होंने देखा उस कुतीया के पास में एक पिंक कलर का छोटा सा बच्चा था जो उस अंडे की वजह से इस दुनिया में आया था,जिसको उस कुतिया ने खाया था। जब हेनरी ने  उस अंडे को पास जाकर देखा तो वह देखते ही रह गए। वह कोई साधारण बच्चा नही था उसके कान नुकीले थे ,आँखे बढ़ी बढ़ी थी और आँखों की पुतलियां कुछ अलग आकार में थी।उसके नाखून अभी से किसी शिकारी जानवर की तरह थे और उसके हाथों में सिर्फ 3 उंगलिया थी, काफी छोटे हाथ थे। वो उसे देखते ही रह गए ,हेनरी को यकीन नहीं हो रहा था कि वो सच में एक डाइनोसॉर है। हेनरी ने डायनासोर के उस छोटे से बच्चे का नाम तो पहले ही फ्लूफ़ी रख दिया था। हेनरी ने फ्लूफ़ी को बहुत  कुछ खिलाने की कोशिश की वो उसके लिए फल लाए, हरी पत्तिया लाए पर फ्लूफ़ी ने कुछ भी नही खाया,फिर हेनरी को  लगा फ्लूफ़ी माँसाहारी हे तो वह उसके लिए एक जानवर का शिकार करके भी लाए, पर उसने कुछ नहीं खाया ।हेनरी को कुछ भी समझ में नही आ रहा था कि फ्लूफ़ी को क्या खिलाना चाहिए,थोड़े समय बाद जब फ्लूफ़ी कमजोर होने लगा  तब हेनरी उसे लेकर सफर पर निकले। वो उसे सब कुछ खिलाने की कोशिश करते रहे मगर फ्लूफ़ी ने कुछ भी नही खाया। जब वो थोड़ा आगे बड़े  तभी उसकी कुतिया को एक साँप दिखा वो कुतिया उस सांप को देख कर डर गई और भोकने लगी ,तभी उस छोटे से बच्चे के कान खड़े हो गए और वो ग़ुस्से से नीचे उतरा और सांप को देखकर उसकी आँखों में चमक सी आ गयी ।हेनरी को कुछ भी समझ में नही आ रहा था के फ्लूफ़ी क्या कर रहा है ।फ्लूफ़ी दौड़ता दौड़ता उस सांप की ओर गया और जैसे ही फ्लूफ़ी उस सांप के पास पहुचा तो सांप ने फ्लूफ़ी को काट लिया।हेनरी ये देख कर डर गए पर सांप के काटने के बाद फ्लूफ़ी मुस्कुराने लगा।फ्लूफ़ी ने उसके दोनों हाथों से सांप को पकड़ा और साँप को खा लिया।तब हेनरी थोड़ा चिंतित  हुए ,फिर उन्होंने बाद में देखा कि फ्लूफ़ी तो सारी जहरीली चीज़े मशरूम,बिच्छु आदि खाता था।तब हेनरी को पता चला कि फ्लूफ़ी को खाने में जहरीली चीज़े पसंद है।वह तीनो जंगल से निकल कर पास ही के एक शहर में जाकर रहने लगे और हेनरी ने फ्लूफ़ी को  बच्चो के  कपडे पहनाये ताकि कोई उसे पहचान न सके । हेनरी रोज जंगल जाकर फ्लूफ़ी के खाने के लिए जहरीली चीज़े लेकर आते थे।एक दिन हेनरी को घर आने में थोड़ी देर हो गयी अँधेरा हो गया था।हेनरी ने घर आकर देखा तो उनके होश उड़ गए,क्योकि वहा पर फ्लूफ़ी और कुतिया दोनों नही थे ।हेनरी ने उन दोनों को पूरे घर में ढूंडा पर नही मिले ।हेनरी जब बाहर आये तो घर के ही पास से उन्हें कुतिया के भोंकने की आवाज़ आई।फिर हेनरी ने पास के घर में झांक कर देखा वहा कोई दिखाई नही दे रहां था मगर कुछ देर बाद जब उन्होंने ध्यान दिया तो पाया कि एक महिला जो काफी उच्चवर्ग की लग रही थी उसके पास ही कुतिया बैठी थी और उसकी गोद में फ्लूफ़ी था जो काफी खुश दिखाई दे रहा था वह डर रहा था कि कही उस महिला को उसकी सच्चाई पता न चल जाये। कुछ देर के बाद जब वो महिला किसी काम से अंदर गयी तो हेनरी जल्दी से फ्लूफ़ी को लेकर भागने लगे पर फ्लूफ़ी जाने को तैयार नही था उसे कुछ ऐसा मिल गया था जो उसे कुछ ज्यादा ही पसन्द आ रहा था।इतने में जब वो महिला आयी तो हेनरी डर गया मगर उस महिला ने बोला डरने की कोई बात नही है।मझे सब पता है हेनरी डर जाते हे तभी वो महिला बोलती है आपके दोनों पालतू जानवर बहुत प्यारे है और यह जो किसी और देश का जीव हैं यह तो बहुत प्यारा है ।वह खुश होते हे पर वो उस पर से ध्यान हटाने के लिए कहते हैं यह कोनसी चीज़ हे जो फ्लूफ़ी इतने चाव से खा रहा है। वह उनहे बताती है कि यह एक किस्म का खाद्य पदार्थ है।हेनरी बोलते हे की मेरा फ्लूफ़ी तो सिर्फ जहरीली चीज़े ही खाता है,ये कैसे खा सकता है।यह सोच कर हेनरी और वह महिला उसे कुछ दूसरी चीज़े जैसे हरी सब्जियां,दूध,दाल आदि चीजे खिलाने  की कोशिश करते हे पर वह कुछ नही खाता है।मगर जब उसे कुरकुरे,चिप्स,बर्गर,पिज़्ज़ा आदि खिलाए तो वह उन्हें बड़े चाव से खाने लगा।हेनरी यह देख कर हैरान हो गए उन्हें समझ में आ गया कि इन सब चीज़ों में उपयोग की गयी वस्तुए मानव के लिए हानिकारक है।और यह बात उन्होंने उस महिला को समझायी।दोनों एक दूसरे की तरफ अचरज भरी निगाहों देखने लगे मगर इस बात का उन्हें कोई मूल अर्थ समझ नही आया ,तो दोनों ने इस बात को यही खत्म करना उचित समझा।फिर महिला ने हेनरी को अपना नाम मिशेल बताया और यह भी बताया कि वह कुछ समय पहले इस शहर में घूमने आई थी, वह कई जगहो पर घूम चुकी थी क्योंकि उसे घूमना बहुत पसंद था।उसे इस शहर की प्राचीन सभ्यता बहुत पसंद आई ,तभी से वह इसी शहर में रह रही हैं।हेनरी उसकी बातों से काफी प्रभावित हुए और उन्होंने मिशेल को बताया कि उन्हें भी प्राचीन जगहों पर घूमना काफी पसंद हैं।हेनरी ने उसे अपने कई शहरो के सफर के बारे में बताया।मिशेल काफी प्रभावित हुई तभी उन दोनों की नज़रे फ्लूफ़ी पर गयी जो अब सो गया था तभी उन्होंने गोर किया कि समय काफी हो चूका है तभी हेनरी वहा से जाना सही समझते हैं ,वह इज़ाज़त लेते है और जाने लगते है ।अगले दिन मिशेल हेनरी और फ्लूफ़ी बहार घूमने जाते हैं तभी उनके बीच बहुत बाते होती हे फिर  हेनरी उसे सच्चाई बताता है वह कुछ समय चुप होती हे फिर उसे यकींन दिलाती है कि यह बात वो किसीको नही बताएगी और वो दोनों उसकी देख रेख करने लगे। काफी दिन खुशी से बित जाने के बाद एक दिन जब वो पास ही के एक पार्क में टहल रहे थे तब फ्लूफ़ी की हरकते देखकर और लोगो के डर जाने की वजह से हेनरी चिंतित होते हे और फिर उसकी बढ़ती खुराक को लेकर भी हेनरी और मिशेल के बीच बहस हो जाती हे तभी वहा पास रहने वाले एक व्यापारी ने दरवाजे पर दस्तक दी और कहा कि वह यह जानवर की मुह मांगी कीमत देने के लिए तैयार हे उसका कहना था कि इसी प्रजाति
के ओर भी जानवर उसके पास है। मगर हेनरी को यकीन नही हुआ वो जानता था कि यह इकलौता हे मगर वह बाहरी दुनिया से अंजान था वो नही जानता था कि इस अंडे के साथ वाले अंडो में से भी बच्चे इस दुनिया में आ चुके हे और यह व्यक्ति इसे दूसरे देशों में बेचना चाहते हे ।उस व्यक्ति ने बताया कि वो इन सब को मिलाना चाहता है हेनरी ने फ्लूफ़ी की भलाई के लिए उसे देना सही समझा।उसने फ्लूफ़ी को उसके हवाले कर दिया ।कुछ समय के बाद  जब उसने उस व्यक्ति के बारे में पूछताछ की तो परिणाम अच्छे नही आये वह चिंतित होने लगा उसने उसे ढूंढा और जब वह मिला तो उसने बताया कि उसने उसे बेच दिया है। हेनरी खुद पर बहुत गुस्सा हए ,उन्होंने खुदको कोसना शुरू कर दिया तभी मिशेल ने उन्हें कहा कि हम साथ मिल कर उसे वापस ले आएंगे तुम चिंता मत करो। फिर वो लोग काफी पूछताछ करते हुए उस जगह पहुचे।उन्होंने देखा वहा कई देश के व्यापारी अपने जानवर ,वस्तु और भी अन्य चीज़ों को लेकर आये थे उन्होंने काफी मुश्किल से उस जगह का पता लगाया जहा फ्लूफ़ी को रखा गया था। उन्होंने चुप चाप उसे वहा से छुड़ाया तभी उन्होंने लोगो को बात करते सुना की इस जीव के अंगों को विदेश में जांच के लिए बेच दिया गया है । वह डर गया जब एक पहरेदार ने आवाज़ लगाई की वह जीव गुमशुदा हे सब तरफ अफरातफरी मच गयी जब वह भागने लगे तो कुछ पहरेदारो ने उन्हें रोकेने की कोशिश की मगर उनके इरादों ने और उनके साथियों ने उन्हें हिम्मत दी और वो वहा से निकल गए। निकलते समय उन्हें कई चोट लगी मगर वो फ्लूफ़ी को पाकर सभी दर्द भूल चूके था। उन्हें यह तो समझ आ गया था कि फ्लूफ़ी एक बहोत बड़े खतरे से निकल कर आया हे और यह खतरा लोट भी सकता था ,इसलिए उन्होंने फ्लूफ़ी को उस प्रयोगशाला में छोड़ना ही सही समझा जहा उसी  तरह के बाकि डाइनोसॉर थे जहाँ उनकी देख रेख काफी अच्छे से हो सकती थी हेनरी उसे लेकर उसी प्रयोगशाला में गए और उसके बाकी भाई बहनो के साथ उसे छोड़ने का फैसला किया जैसे जैसे उसके जाने का समय पास आने लगा मिशेल और हेनरी की धड़कने तेज़ होने लगी मिशेल की आँखे नम हो चुकी थी वो दोनों उसे छोड़ना नही चाहते थे, मगर उसकी भलाई इसी में थी। हेनरी ने उसे गले लगाया और आँखो को साफ करते हुए उसे अलविदा कहा ।फिर फ्लूफ़ी अपने परिवार के पास चला गया और मिशेल ओर हेनरी ने अपनी नयी ज़िन्दगी शुरू की और वह अब भी फ्लूफ़ी को याद करते हुए उससे मिलने चले जाते हे।हेनरी का देखा हुआ सपना तो पूरा नही हो सका मगर इन सब के बाद समाज में उनकी इज़्ज़त इतनी बड़ गयी की हर कोई उनसे नज़रे झुका कर ही बात करता था। और यह सब फ्लूफ़ी की वजह से हुआ हे यह उनका मानना था।

Comments

Popular posts from this blog

SEO SMO PPC ORM Services in Los Angeles California

"My first day of college".